खुशबू-ए- वतन

Friday, May 08, 2015


27.06.2014
खुशबू-ए- वतन , ऐ खुशबू -ए- वतन
तेरे लिए हाजिर है जान -ओ -तन
- शाहिद 'अजनबी'

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