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Friday, February 26, 2016

एक आंसू

बरसों पहले गिरा था एक आंसू जाने क्यूँ वो आँखों की नमी बरक़रार है !!! - शाहिद अजनबी

इश्के शहर

देखा जाए तो हर दिन मुहब्बत का है, जिस दिन में मुहब्बत नहीं वो दिन कैसा ? शायद हम और आप ऐसी दुनिया की कल्पना भी नहीं कर सकते , जहाँ मुहब्बत ...
Monday, May 11, 2015

हर ख्वाब गर उतर पाता

20.9.14 हर ख्वाब गर उतर पाता हकीक़त की ज़मीं पर जन्नत की आरजू में परेशां न फिरते लोग ....!!! - ज़ारा खान
Monday, May 11, 2015

कहाँ तक आँख रोएगी

31.8.14 कहाँ तक आँख रोएगी कहाँ तक किसका ग़म होगा मेरे जैसा यहाँ कोई न कोई रोज़ कम होगा तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना रो चुका ह...
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