हवा के पास कोई मसलहत नहीं होती



21.10.14
चराग़ घर का हो ,महफ़िल का हो कि मंदिर का
हवा के पास कोई मसलहत नहीं होती .....
- वसीम साब



चित्र - साभार - गूगल 

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